Thursday, December 6, 2018

गूगल का बड़ा ऐलान, शटडाउन होगा ये पॉपुलर ऐप

दुनिया की बड़ी टेक कंपनी गूगल अपने मैसेंजर ऐप Allo को शटडाउन कर रही है. इसे कंपनी ने सितंबर 2016 में लॉन्च किया था. लेकिन जैसी गूगल ने उम्मीद की थी उतनी लोकप्रियता इस ऐप को नहीं मिली और अब इसे बंद करने का फैसला किया गया है.

गूगल ने ब्लॉग पोस्ट में कहा है, ‘Allo मार्च 2019 तक चलेगा फिर बंद हो जाएगा. आप अपने पुराने कनवर्सेशन और मौजूदा चैट्स इस ऐप से एक्सपोर्ट कर सकेंगे’

गूगल ने कहा है कि उन्होंने ऐलो से काफी कुछ सीखा है खास तौर पर मशीन लर्निंग आधारित फीचर्स और गूगल असिस्टेंट को मैसेजिंग ऐप में ही इनबिल्ट करना.

इसी साल अप्रैल से कंपनी ने ऐलो में निवेश करना बंद कर दिया था और इसके वर्कफोर्स को दूसरे प्रोजेक्ट में ट्रांसफर कर दिया गया. इतना ही नहीं इस प्रोजेक्ट के रिसोर्स को कंपनी ने एंड्रॉयड मैसेज टीम में शिफ्ट कर दिया था. कंपनी ने बीच बीच में इसमें कुछ फीचर्स दिए थे, लेकिन फिर भी ये वॉट्सऐप और मैसेंजर से टक्कर लेने में फेल रहा.

ये कुछ वजहें जो Google Allo के फ्लॉप होने की वजह हैं
शुरुआत में इसमें एंड टू एंड एनक्रिप्शन का न होना लोगों के लिए निराशाजनक रहा.

गूगल ने इसमें वीडियो कॉलिंग फीचर भी नहीं दिया. दूसरी तरफ वॉट्सऐप जैसे ऐप्स में ये फीचर थे.

कॉलिंग फीचर की कमी होना भी इसके फ्लॉप होने की वजह है. क्योंकि वॉट्सऐप का कॉलिंग फीचर काफी पॉपुलर है और लोग इसे ज्यादा से ज्यादा यूज करते हैं.

स्नोडेन ने भी Allo को खतरनाक ऐप बताया था

फाइल शेयरिंग फीचर का न होना भी इसकी कमी रही है. आप इस ऐप पर फोटोज, लोकेशन और स्टिकर्स भेज सकते थे, लेकिन डॉक्यूमेंट्स शेयरिंग नहीं था. वॉट्सऐप और टेलीग्राम ने इसे भुनाया और इसमें भी ऐलो पीछे छूट गया.

वॉट्सऐप की खासियत इसका सिंपल होना है. लेकिन ऐलो थोड़ा ट्रिकी था इसके मुकाबले. कई सारे ऑप्शन, ज्यादा फीचर्स होना भी कभी मुश्किल हो सकता है. वॉट्सऐप की स्ट्रैटिजी रही है कि वो धीरे धीरे फीचर्स देता है. अगर आप याद करें तो शुरुआत में चैटिंग का ही ऑप्शन था.

Thursday, November 29, 2018

मराठों को 16 फीसदी आरक्षण देगी फडणवीस सरकार, विधानसभा में बिल पास

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को कैबिनेट की मंजूरी के बाद आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में पेश कर दिया. फडणवीस ने बड़ा दांव खेलते हुए पिछड़ा आयोग की सिफारिश के आधार पर 16 प्रतिशत मराठा आरक्षण का बिल पेश किया, जो ध्वनिमत से पास हो गया.बाद में विधान परिषद ने भी इस बिल पर अपनी मुहर लगा दी.

मराठा आरक्षण के लिए विशेष कैटेगरी SEBC बनाई गई है. महाराष्ट्र में 76 फीसदी मराठी खेती-किसानी और मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं. वहीं सिर्फ 6 फीसदी लोग सरकारी-अर्ध सरकारी नौकरी कर रहे हैं.

बीते दिनों ही फडणवीस कैबिनेट ने मराठा आरक्षण के लिए बिल को मंजूरी दी थी. इसके साथ ही अब राज्य में मराठा आरक्षण का रास्ता साफ हो गया था. सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि हमें पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट मिली थी, जिसमें तीन सिफारिशें की गई हैं. मराठा समुदाय को सोशल एंड इकनॉमिक बैकवर्ड कैटेगरी (SEBC) के तहत अलग से आरक्षण दिया जाएगा. हमने पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है और इन पर अमल के लिए एक कैबिनेट सब कमिटी बनाई गई है.

1980 के दशक से लंबित पड़ी थी मांग

बता दें कि मराठों के आरक्षण की मांग 1980 के दशक से लंबित पड़ी थी. राज्य पिछड़ा आयोग ने 25 विभिन्न मानकों पर मराठों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक आधार पर पिछड़ा होने की जांच की. इसमें से सभी मानकों पर मराठों की स्थिति दयनीय पाई गई. इस दौरान किए गए सर्वे में 43 हजार मराठा परिवारों की स्थिति जानी गई. इसके अलावा जन सुनवाइयों में मिले करीब 2 करोड़ ज्ञापनों का भी अध्ययन किया गया.

हिंसक हो गई थी आरक्षण की मांग

मराठा आरक्षण को लेकर साल 2016 से महाराष्ट्रन में 58 मार्च निकाले गए. हाल ही में मराठों का उग्र विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला था. यह मामला कोर्ट के सामने लंबित होने से सरकार ने पिछड़े आयोग को मराठा समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति जानने की जिम्मेदारी दी थी.

Tuesday, November 13, 2018

रिसेप्शन में ये चीज नहीं चाहते हैं रणवीर, मेहमानों को किया मना

की सबसे चर्चित जोड़ी दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह शादी करने के लिए तैयार हैं. दोनों 14-15 नवंबर को इटली के लेक कोमो में शादी करने जा रहे हैं. शादी में तकरीबन 30 मेहमानों को बुलाया गया है. शादी में मेहमानों से मोबाइल फोन ना लाने की बात कही गई है. इसके अलावा शादी का जो कार्ड जारी किया गया है उसमें दीपवीर की तरफ से एक और खास रिक्वेस्ट मेंशन की गई है.

करीबी सूत्रों के मुताबिक- दीपिका और रणवीर नहीं चाहते कि उनके लिए कोई भी मेहमान किसी तरह का गिफ्ट लेकर आए. इसकी जगह पर दीपिका के NGO को डोनेट कर सकते हैं. दीपिका के NGO का नाम 'द लाइव लव लॉफ फाउंडेशन' है जो मेंटल हेल्थ को लेकर जागरुकता फैलाने का काम करता है. कार्ड के अंदर इस बात को मेंशन किया गया है और डिटेल्स भी दी गई है.

दोनों गैर फिल्मी परिवार से हैं और शादी को सभी की नजरों से दूर रखना चाहते हैं. दोनों की शादी का रिसेप्शन इंडिया में होगा. शादी के बाद दो रिसेप्शन प्लान किए गए हैं. एक रिसेप्शन मुंबई में होगा और दूसरा बेंगलुरु में होगा.

बता दें कि 13 नवंबर को संगीत समारोह होगा. इसके लिए भारत से म्यूजिशियन बुलाए गए हैं. जब तक है जान, राजी और प्रेम रतन धन पायो जैसी फिल्मों में गाने गा चुकी हर्षदीप कौर संगीत समारोह में परफॉर्म करेंगी. उनके साथ और म्यूजिशियन भी होंगे. हर्षदीप ने इंस्टाग्राम पर वेन्यू में पहुंचने की जानकारी साझा की है.

शादी लेक कोमो के आलीशान विला, डेल बालडियानेलो मे हो रही है. शादी में तकरीबन 30 मेहमान शरीक हो रहे हैं. मीडिया को इस ग्रेंड इवेंट से दूर रखा जाएगा. इसके मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.

बॉलीवुड में शादियों का सीजन चल रहा है. सोनम-आनंद, नेहा-अंगद की शादी के बाद अब दीपिका-रणवीर और प्रियंका-निक शादी करने जा रहे हैं. इसके साथ ही बिजनेस टायकून मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी की भी दिसंबर में शादी हो रही है. खबरें है कि दीपिका पादुकोण के एक्स बॉयफ्रेंड निहार पांड्या भी जल्द शादी करने वाले हैं.

पिंकविला ने सूत्रों के हवाले से लिखा, ''एक्टर निहार पांड्या, सिंगर नीति मोहन से शादी करने जा रहे हैं. नीति और निहार पिछले चार सालों से डेट कर रहे हैं. उन्होंने अब अपने रिश्ते को एक कदम आगे बढ़ाने का फैसला किया है. वे फरवरी 2019 में शादी के बंधन में बंध सकते हैं. संगीत, मेहंदी और शादी में करीबी लोग ही शामिल होंगे. जबकि रिसेप्शन का न्योता इंडस्ट्री के सभी दोस्तों के पास जाएगा.''

निहार और दीपिका का रिलेशनशिप किसी से छिपा नहीं है. वे मुंबई में दीपिका के पहले बॉयफ्रेंड थे. दीपिका ने बॉलीवुड में शुरुआती दिनों में निहार को डेट किया था. साल 2005 में दोनों की एक दूसरे से मुलाकात एक एक्टिंग स्कूल में हुई थी. उनकी दोस्ती काफी जल्दी रोमांस में तब्दील हो गई थी. सूत्रों की मानें तो दीपिका निहार के साथ लिव इन में भी रही हैं. लेकिन दोनों का रिश्ता ज्यादा लंबा नहीं चल पाया. 3 साल के अफेयर के बाद दोनों का ब्रेकअप हो गया था.